Wednesday, December 1, 2010

Sadma - Surmai Akhiyon mein

सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे
सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे
निंदिया की उड़ते पाखी रे
अखियों में आजा साथी रे
रारी रारो रो रारी रो
रारी रारो रो रारी रो

सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे

सच्चा कोई सपना देजा
मुझको कोई अपना देजा
अंजाना सा मगर कुछ पेहचाना सा
हल्का फुल्का शबनमी , रेशम से भी रेशमी

सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे
निंदिया की उड़ते पाखी रे
अखियों में आजा साथी रे
रारी रारो रो रारी रो
रारी रारो रो रारी रो

रात के रथ पर जाने वाले
नींद का रस बरसाने वाले
इतना करदे कि मेरी आहें भर दे
आखों में बसता रहे सपना ये हँसता रहे

सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे
निंदिया की उड़ते पाखी रे
अखियों में आजा साथी रे
रारी रारो रो रारी रो
रारी रारो रो रारी रो


No comments:

Post a Comment