सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे
सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे
निंदिया की उड़ते पाखी रे
अखियों में आजा साथी रे
रारी रारो रो रारी रो
रारी रारो रो रारी रो
सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे
सच्चा कोई सपना देजा
मुझको कोई अपना देजा
अंजाना सा मगर कुछ पेहचाना सा
हल्का फुल्का शबनमी , रेशम से भी रेशमी
सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे
निंदिया की उड़ते पाखी रे
अखियों में आजा साथी रे
रारी रारो रो रारी रो
रारी रारो रो रारी रो
रात के रथ पर जाने वाले
नींद का रस बरसाने वाले
इतना करदे कि मेरी आहें भर दे
आखों में बसता रहे सपना ये हँसता रहे
सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना देजा रे
निंदिया की उड़ते पाखी रे
अखियों में आजा साथी रे
रारी रारो रो रारी रो
रारी रारो रो रारी रो
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